कटिहार से “न्यूज़ 18″संवाददाता सुब्रत के कलम से*..

*कोरोना से जुड़े पोस्ट करने से पहले एक बार कटिहार के इस पत्रकार के इस अपील को जरूर पढ़ें*
*कटिहार से “न्यूज़ 18″संवाददाता सुब्रत के कलम से*….
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सोशल मीडिया और माउथ कैम्पनिंग के माध्यम से कोरोना के बारे में जागरूकता फैलाने वाले हर क्रांतिकारी साथियों को बहुत-बहुत आभार कि आप लोगों को अघोषित रूप से डरा कर, धमका कर या भावनात्मक वास्ता देकर सभी घर में रहने के लिए जागरूक कर रहे हैं, सच में आपकी सोच को सलाम, मगर मेरा आप लोगों से एक निवेदन है कहीं इतनी ज्यादा जागरूकता फैलाने के चक्कर में आप जाने अनजाने में उन लोगों को तो नहीं डरा रहे हैं जो इस खतरे के बारे में जानते हुए भी अपने पेट के खातिर, अपने परिजनों को भूख मिटाने के खातिर या सच में जिम्मेदारी के कारण बाहर निकलते हैं..? जरा सोचिए आपके इस तरह के पोस्ट से उनके घर में रह रहे हैं मां, बहन,पत्नी,बेटी,पिता,पुत्र या अन्य परिजनों पर कितना गहरा असर पड़ता है, यह सच है कि कुछ लोग मटरगश्ती करने के लिए अब भी सड़कों पर घूम रहे हैं,टीवी,रेडियो प्रधानमंत्री की अपील, मुख्यमंत्री की अपील, नेता प्रतिपक्ष की अपील के बाद ही उन पर कोई असर नहीं है,अब उनका तो ऊपर वाला ही मालिक है।  जिस देश में मास्क पहने के लिए जिलाधिकारी से लेकर आरक्षी अधीक्षक के साथ तमाम सरकारी अमला को सभी काम छोड़कर सड़क पर उतरना पड़ता है, उस देश में बहुत जागरूकता की बात करना है कितनी बेईमानी है,आप मुझसे बेहतर समझ सकते है। आप बात इन सभी विषय से आगे कोरोना संकट में सबसे पहले स्वास्थ्य सेवा से जुड़े कर्मियों की करते हैं जो आए दिन बेहतर सेवा नहीं देने के लिए कई जगह पर प्रताड़ित हो रहे हैं लेकिन क्या कभी अपने जिले में स्वास्थ के मामले में सबसे बेहतर  सुविधा था, क्या आपने राज्य में सुविधाओं का भरमार था, क्या आपने देश स्वास्थ्य सेवा अब्बल था….जब किसी के इलाज के लिए हम और आप परेशान होते हैं तो ऐसे बात पर विचार करना बेहद मुश्किल होता है लेकिन कम से कम आपकी पॉसटिव पहल से वैसे स्वास्थ्य कर्मी जो अब भी ईमानदारी से  काम करना चाह रहे हैं,जिनकी संख्या हो सकता है कि 1% ही हो,वैसे पुलिसकर्मी जो अब भी सब कुछ जानते हुए कोरोना संकट के बीच आपको जागरूप करने के लिए सड़कों पर है, वैसे सफाई कर्मी जो महज दैनिक मजदूरी पर अपने परिवार के पेट पालने के लिए आज भी आपकी घरों की सफाई करने आते हैं और अंत में हम जैसे मीडिया कर्मी जो सभी खतरे को शायद आप से बेहतर समझते हुए आप तक देश-दुनिया की जानकारी पहुचने के लिए अब भी सुदूर इलाके तक जाते हैं, क्या आप लोगों की लगातार नेगेटिव पोस्ट से हमारे घर के लोगों की मानसिकता कमजोर नहीं होता है। जरा सोचिए अगर इन चारों में से ऊपर के तीनों कैटगरी के लोग अपनी सेवाएं देना अपने घरों के लोगों की सुरक्षा की दलील देते हुए बंद कर दें तो क्या कोरोनावायरस से हम और आप जल्दी निपट पाएंगे, इसीलिए आप सभी जागरूक सोशल मीडिया मित्रों और जागरूप माउथ कैम्पनिंग करने वालो से अपील है कि हमेशा जागरूकता के नाम पर नेगेटिव पोस्ट ना करे क्यों की आपके पोस्ट से वैसे लोगो को कोई फर्क नही पड़ता है जो “डोंट केयर एटीट्यूड” के है,मगर आपके नेगेटिव पोस्ट से हमारे घरवाले विचलित होते हैं और उनके विचलित होने से कहीं ना कहीं हम कमजोर होते हैं,प्लीज मेरे बात को अन्यथा नहीं लीजिएगा लेकिन एक बार विचार जरूर कीजिएगा की कहीं आपके पोस्ट आप ही को कमजोर तो नहीं कर रहा है।अगर संभव हो तो उत्साहवर्धन के लिए भी कभी कोई पोस्ट कर दिया कीजिए हम लोगों को बेहतर लगेगा क्योंकि आखिर “डर के आगे जीत है”।
और अंत में ईश्वर से प्रार्थना है कि अगर कभी भी आपका कोरोना जांच हो तो आपका कोरोना रिजल्ट नेगेटिव आए, लेकिन आपकी विचार हमेशा पॉजिटिव बने रहे। इसी आशा और उम्मीद के साथ एक अपील मास्क  से मोहब्बत करें, खुद को और आपसे से जुड़े  लोगों को सुरक्षित रखें।
“जय हिंद-जय भारत”…..
सुब्रत(न्यूज़18,संवाददाता, कटिहार)

सुब्रत(न्यूज़18,संवाददाता, कटिहार)
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