कोटा में फंसे कटिहार के छात्र ,परिजन लगा रहे फरियाद

बिहार [ कटिहार ]_राजस्थान कोटा में फंसे बिहार के छात्रों का मुद्दा अब जिला स्तर पर भी गर्म होता जा रहा है,सत्ता पक्ष जहा अभी वहा पर ही बच्चो को रहना महफूज बता रहे है, वही बिपक्ष सरकार पर इस मुद्दे पर आम और खास में भेद भाव करने का आरोप लगा रहे है,इन सब के बीच परिजन अपने जिगर के टुकड़ो के लिए किस तरह परेशान है और कैसे कटिहार विधायक सह सचेतक से फरियाद लगा रहे है..

राजेश मलिक और आलोक दत्ता सचेतक सह कटिहार विधायक तारकिशोर प्रसाद के द्वार पर अपने जिगर के लाल की फरियाद पर गुहार लगाने पहुंचे हैं।दरअसल राजेश का पुत्र यस और आलोक का पुत्र अभिषेक राजस्थान के कोटा में उच्च शिक्षा के लिए कोचिंग संस्था में रहकर पढ़ाई करता हैं, पर कोरोना बंदी के कारण पिछले कई दिनों से वे लोग वहीं फंसे हुए हैं। अब वहां परेशानी क्या है यह इस बात से ही समझ में आ रहा है कि लगातार वहां रहने वाले यह लड़के वीडियो कॉल के माध्यम से जो आप बीती सुना रहे हैं, उससे साफ हो जाता है कि उन लोगों के पास अब भोजन की संकट की स्थिति उत्पन्न हो रही है।ऐसे में कुछ बच्चों की तबीयत भी बिगड़ने लगी है, जिससे परिजन और परेशान हैं। यश का पिता राजेश कहते हैं की पुत्र किसी भी तरह से आने के लिए अब बेचैन हो गया है, उनके माने तो पहले अन्य प्रदेशों के कुछ छात्र थे जिस कारण सरकारी स्तर पर कुछ व्यवस्था भी मिल रहा था, लेकिन अब अन्य प्रदेश के सरकार अपने अपने राज्य के छात्र को लेकर चले गए हैं ऐसे में अब उन लोगों की सुधि लेने वाला भी कोई नहीं है।अपने लाडलो की इस हाल पर घर में मौजूद माँ ओ की हालत और बिगड़ती जा रही है।उन्हें तो हर आहट में अब बेटे की आने की एहसास हो रहा है, जिस कारण अब कई रातें खुली आंखों में ही बीत रही है, बस सरकार से सिर्फ यही गुहार लगा रहे हैं किसी भी तरह से बेटों को घर पहुंचा दीजिए साहब….।

– सचेतक सह कटिहार विधायक तारकेश्वर प्रसाद कहते हैं कि सरकारी स्तर पर अब तक बच्चों की लाने पर कोई आदेश जारी नहीं हुआ है,हालांकि वह अपने स्तर पर पहल करते हुए वहां की जिलाधिकारी से बात की है और वहां फंसे छात्रों के लिए बेहतर व्यवस्था की कोशिश कर रहे है।इस मुद्दे पर अब राजद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए  अब्दुल गनी।(राजद,जिला अध्यक्ष)  दोहरा मापदंड अपनाने के आरोप सरकार पर लगाते हुए कह रहे हैं कि एक तरफ सरकार अपने विधायक के बेटा- बेटियों को लाने के लिए पूरे कानून व्यवस्था को ताक में रख दिया है और दूसरों के बच्चे के लिए इस सरकार के पास कोई उपाय नहीं है।यह दोहरा मापदंड है, अगर सरकार के पास क्षमता नही है तो राजद अपने स्तर पर चंदा देकर उन बच्चों को वहां से लाने की व्यवस्था भी करने के लिए तैयार है सिर्फ सरकार आदेश जारी करें।सीमांचल के साथ साथ कटिहार जिला के बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा उच्च शिक्षा के लिए, हर साल राजस्थान के कोटा जाते हैं लेकिन कोरोना बंदी से बच्चे  संकट में फस गए है,जिस पर अब तक सरकार के तरफ से कोई ठोस निर्णय नही हो पाना और उस पर हो रहे राजनिती से परिजन परेशान है।

 

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